नमस्कार दोस्तों आज हम Gear के बारे में बात करेंगे की गियर क्या होते है, गियर की जरूरत और यह Gear Types कितने प्रकार के होते है?
दोस्तों अगर आपने कभी gears को देखा होगा तो यह गियर एक बेलनाकार या राेल आकर का होता हे। जिस के ऊपर teeth लगे होते हे, जो एक साफ्ट से दूसरे साफ्ट में ऊर्जा या शक्ति (power) भेजने का काम करता है।
अगर आपसे इंटरव्यू में gear क्या होता है यह पूछा जाता है, तब आप यह लाइन बोल सकते है। Gear एक ऐसा डिवाइस है जिसका उपयोग हम किसी भी दो साफ्ट के बीच में पावर ट्रांसमिमशन और मोशन ट्रांसमिशन के लिए करते हे।
वैसे आप सभी ने कई बार देखा होगा की पावर को ट्रांसफर करने के लिए हम गियर के अलावा और भी कई तरीको का उपयोग ले सकते है जैसे- पुल्ली और बेल्ट की मदद से। लेकिन इसके द्वारा जब पावर को भेजा जाता है तब बीच में काफी एनर्जी लोस्स में बदल जाती है।
लेकिन जब हम Gears के उपयोग से पावर को ट्रांसफर करते है तब यह kinetic friction loss ना के बराबर होता हे, इस वजह से power transmission के दौरान हमे energy का नुकसान कम देखने को मिलता है।
Gear Uses (गियर का उपयोग)
gears का उपयोग आज के समय बहुत सी जगह पर किया जाता हे। जैसे की clock, instrumentation जैसी चीजों में। इसके अलावा सभी जगह वर्किंग के लिए अलग-अलग प्रकार के gears का यूज़ किया जाता है, जिससे उसका उपयोग सही तरिके से हो सके।
Gears को अलग-अलग बाटने से उसके काम के तरिके में काफी फर्क आता हे। जैसे की कुछ gear भारी सामान उठाने के काम आते हे और कुछ हलके सामान उठाने के लिए काम आते है। इसके अलावा gear को उनके आवाज के अनुसार भी बाट सकते हे, जेसे कुछ gear कम आवाज करते हे और कुछ ज्यादा आवाज़ करते है। इन सभी को देखते हुए गियर को कई प्रकार से विभाजित किया जाता है।
Types of Gears (गियर के प्रकार)
मुख्य तौर पर 6 प्रकार के Gears का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता हे।
- SPUR GEAR (स्पर गियर)
- HELICAL GEAR (हेलिकल गियर)
- SPIRAL GEAR (स्पाइरल गियर)
- BEVEL GEAR (बेवल गियर)
- WORM GEAR (वर्म गियर)
- RACK AND PINION GEAR (रैक एंड पिनियन गियर)
SPUR GEAR:- इस केस मे जो gear होते हे, वो स्ट्रैटे होते हे। मतलब वो अपने फेस पे स्ट्रैटे होते हे। इसमें दोनों साफ्ट एक ही प्लेन पर पैरेलल होते हे। यह steel या brass का बना होता हे। इस कारण से SPUR GEAR में आवाज खूब ज्यादा आती हे। इसका उपयोग जब किसी भारी चीज को कम स्पीड में ले जाना होता हे, तब किया जाता हे।
अगर हम उदाहरण की बात करे तो गन्ने का रस बनाने वाली machine में इसका उपयोग किया जाता हे, इसके अलावा इसका उपयोग हम ELECTRIC SCREWDRIVER, OSCILLATING SPRINKLER, WINDUP ALARM CLOCK , WASHING MACHINE & CLOTHS DRYER जैसी चीजों में करते हे।
SPUR GEAR सभी गियर में सबसे पहले डेवलप हुआ था, और इसकी कॉस्ट भी बहुत कम होती हे।
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HELICAL GEAR:- helical gear के केस में जो gear होते हे, उसमे जो उसके teeth होते हे वह incline कट शेप में होते हे। इसमें डबल incline वाले teeth भी शामिल होते हे, जोकि v शेप में दिखते हे। इस गियर को herringbone gear भी कहा जाता हे।
इस गियर का उपयोग inthrust को कम करने के लिए करते हे। इस गियर का फायदा यह हे, की इसमें gears का एक दूसरे से कांन्टैक्ट रैशो ज्यादा होता है और ज्यादा teeth भी सम्पर्क में रहते है, जिससे पावर ट्रांसमिशन बढ़ जाता हे। इसका उपयोग हम हैवी मशीनरी में करते हे।
जैसे की elevator लिफ्ट में इसका उपयोग होता हे। यह गियर कम आवाज करते हे। इसकी गियर की तुलना अगर हम spur gear से करे तो यह उससे तेज होते हे और पावर भी अधिक ट्रांसफर कर लेते हे।
Helical gears को दो भागो में बाटा गया है।
- Right-hand helical gears
- Left-hand helical gears
SPIRAL GEAR:- इस गियर के teeth curve शेप में कटे होते हे। जब दो साफ्ट non-parallel & non-intersecting, मतलब दोनों का प्लेन ही अलग अलग हे, तो उन दो साफ्ट को कनेक्ट करने के लिए हम spiral gear का उपयोग करते हे।
इस स्पाइरल गियर से अधिकतम पावर का ट्रांसमिशन किया जा सकता हे।
BEVEL GEAR:- जब दो साफ्ट पेरेलर नहीं हे पर दो साफ्ट इंटेरसेक्टिंग हे, और वह दोनों साफ्ट एक दूसरे से जाके मिल रहे हे, तो उस केस में हम वहा bevel gear का यूज़ करते हे। यह बेवल गियर cast iron, aluminium alloy का बना होता हे।
इन गियर का उपयोग हम locomotives, marine application, automobiles, printing presses, cooling towers, power plants, steel plants, railway track inspection machines आदि में मुख्य तौर पर किया जाता हे।
WORM GEAR:- worm gear का gearing ratio बहुत कम होता हे, और इसकी स्पीड भी बहुत अधिक होती हे।
इसके wheel में spiral बने होते हे, जिससे इसका spiral angel बहुत ज्यादा होता हे। यह स्पीड ratio को कम करने के लिए काम आता हे। इसका मैंटीनैंस भी बहुत कम होता हे।
इसकी आवाज़ भी बाकि गियर्स के मुकाबले कम होती हे। यह 90 डिग्री के एंगल पर ही यूज़ होता हे। इसका उपयोग rolling mill में देखा जा सकता हे।
RACK AND PINION GEAR:- इस GEAR का उपयोग ऑटोमोबाइल के स्टीयरिंग सिस्टम पर किया जाता हे। इस GEAR को एक सीधी रेखा वाले TEETH पर एक ज्यामिति पर काटा जाता हे।
इसका उपयोग हम गति को ट्रांसमिशन करने के लिए करते हे। इसका उपयोग बाकियो के मुकाबले अधिक होता हे। बेसिकली यह एक spur gear का ही type हे, क्युकी इसके टीथ जो होते हे वह एकदम स्ट्रैट होते हे। इसका जो छोटा गियर होता हे उसे हम pinion gear कहते हे, और बड़ा गियर rack की फोम में होता हे।
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तो दोस्तो उम्मीद है आज आपके What is Gear and Types of Gears से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।
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